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एसजीपीजीआई के प्रो. अमित कुमार ने 10 वर्षीय बच्चे को बचाया

एसजीपीजीआई के प्रो. अमित कुमार ने 10 वर्षीय बच्चे को बचाया

पायनियर समाचार सेवा

लखनऊ। एसजीपीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर ने जटिल बाल ट्रॉमा के उपचार में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए साइकिल से गिरने के बाद गंभीर ग्रेड-आई वी अग्न्याशय  चोट से जूझ रहे 10 वर्षीय बच्चे की सफल सर्जरी कर उसे स्वस्थ अवस्था में घर भेजा। जौनपुर के ग्राम जंगीपुर खुर्द निवासी मोहम्मद नदीम, पुत्र जमाल अख्तर, गत छह अगस्त को साइकिल से गिरने के कारण गंभीर पेट की चोट का शिकार हुआ था। जौनपुर के एक अस्पताल में चार दिन उपचार के बाद उसे गत 10 अगस्त को एसजीपीजीआई एपेक्स ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।

जांच में पेट में लगभग एक लीटर अग्न्याशयी द्रव के साथ ग्रेड-आई वी अग्न्याशय की गंभीर चोट पाई गई। बच्चे की 11 अगस्त को डिस्टल पैंक्रियाटिको-स्प्लेनेक्टॉमी की जटिल सर्जरी प्रो. अमित कुमार सिंह, एडिशनल चीफ एवं ट्रॉमा सर्जन, तथा डॉ. आदित्य सिंह, सीनियर रेजिडेंट, ट्रॉमा सर्जरी द्वारा की गई। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. रफत शमीम, डॉ. गणपत प्रसाद एवं डॉ. दीक्षा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑपरेशन के बाद बच्चे को लगभग 24 घंटे मैकेनिकल वेंटिलेशन की आवश्यकता पड़ी, जिसके बाद उसे सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा लिया गया।

टीम के समन्वित उपचार से बच्चे की पूर्ण चिकित्सकीय रिकवरी हुई और उसे 25 अगस्त 2026 को स्थिर एवं स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज किया गया। एसजीपीजीआई के निदेशक ने प्रो. अमित कुमार सिंह तथा ट्रॉमा सर्जरी, एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर की पूरी टीम को इस सफल उपचार के लिए बधाई दी।

निदेशक ने टीम की विशेषज्ञता, आपसी समन्वय और जटिल बाल ट्रॉमा के प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए इसे एसजीपीजीआई में अत्याधुनिक एवं बहु-विषयक ट्रॉमा सेवाओं की क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। यह सफलता गंभीर चोटों में समय पर उचित ट्रॉमा सेंटर में रेफरल के महत्व को भी रेखांकित करती है, जहां विशेषज्ञ ट्रॉमा सर्जरी, एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर की समन्वित सुविधाएं उपलब्ध हों।

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