राज्य निर्माण सेनानियों ने दी आंदोलन की चेतावनी, सरकार को घेरने की तैयारी

परिसीमन क्षेत्रफल के आधार पर करने, मूल निवास और भू-कानून के सख्त पालन की मांग
रजनी गोयल। ऋषिकेश
उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानियों की आवश्यक बैठक बुधवार को आईएसबीटी परिसर स्थित शहीद स्मारक भवन में आयोजित हुई। बैठक में परिसीमन जनसंख्या के बजाय क्षेत्रफल के आधार पर करने, मूल निवास और भू-कानून का सख्ती से पालन कराने सहित कई प्रस्ताव पारित किए गए। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने इन मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आगामी चुनाव में इन मुद्दों को जनता के बीच उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण, समान पेंशन, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और राज्य निर्माण सेनानी घोषित करने की मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वर्ष 2021 से लगातार घोषणाएं कर रहे हैं, लेकिन पांच वर्ष बीतने के बाद भी कई घोषणाओं पर अमल नहीं हुआ। इससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि नौ नवंबर के बाद यूथ ब्रिगेड को साथ लेकर जिलेवार जन आंदोलन चलाया जाएगा और जनता के बीच सरकार की घोषणाओं की वास्तविक स्थिति रखी जाएगी। साथ ही, भाजपा और कांग्रेस द्वारा किसी भ्रष्टाचारी को टिकट दिए जाने पर उसके खिलाफ आंदोलन करने तथा कथित भ्रष्ट मंत्रियों और विधायकों की सूची पार्टी हाईकमान को सौंपने की बात भी कही गई। बैठक की अध्यक्षता डीएस गुसाईं ने की और संचालन गंभीर सिंह मेवाड़ ने किया।



