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70 पेड़ों की अनुमति, अधिक कटान की चर्चा, मौके पर सत्यापन से साफ होगी तस्वीर

70 पेड़ों की अनुमति, अधिक कटान की चर्चा, मौके पर सत्यापन से साफ होगी तस्वीर

पायनियर संवाददाता, पीलीभीत। एक ओर पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सदर तहसील क्षेत्र के बिलगवां में आम के हरे-भरे बाग में पेड़ों का कटान चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि पिछले दो-तीन दिनों से बाग में कटान जारी है। कटान के लिए 70 पेड़ों की अनुमति होने की बात सामने आई है, लेकिन मौके पर इससे अधिक पेड़ काटे जाने की भी चर्चा है। ऐसे में अनुमति और वास्तविक कटान की संख्या का मिलान कराना जरूरी हो गया है।

बताया जा रहा है कि बाग में काटे जा रहे आम के पेड़ों की उम्र करीब आठ से दस वर्ष है। यदि अनुमति से अधिक पेड़ काटे गए हैं, तो इसकी वास्तविक स्थिति भौतिक सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इसके लिए मौके पर मौजूद ठूंठ, कटे पेड़ों की संख्या और लकड़ी की निकासी का मिलान अनुमति में दर्ज विवरण से किया जाना जरूरी है। मामले में संबंधित गाटा संख्या की खतौनी, खसरा और अन्य राजस्व अभिलेखों की जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अभिलेखों के आधार पर भूमि की स्थिति और अनुमति जारी करने की प्रक्रिया का परीक्षण किया जा सकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि कटान निर्धारित शर्तों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं। पेड़ों के कटान को लेकर उद्यान विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभी तक विभाग की लापरवाही या अनुमति से अधिक कटान की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में संबंधित अभिलेखों की जांच और अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।

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