पश्चिम प्रदेश के गठन और हाई कोर्ट बेंच की मांग, शिव सेना ने सौंपा ज्ञापन

-पश्चिमी यूपी में एम्स की स्थापना की भी उठी मांग, प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य का दर्जा देने, क्षेत्र में एम्स की स्थापना और इलाहाबाद हाईकोर्ट की स्थायी खंडपीठ स्थापित करने की मांग को लेकर शिवसेना पश्चिम उत्तर प्रदेश इकाई ने प्रदर्शन किया। इसके बाद पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पश्चिमी यूपी की प्रशासनिक, स्वास्थ्य और न्यायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
शिव सेना जिला प्रमुख मुकेश त्यागी की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश कृषि, उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। गन्ना और चीनी उद्योग, दुग्ध उत्पादन, लघु एवं मध्यम उद्योग तथा व्यापारिक गतिविधियों में क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। ज्ञापन में मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, शामली, बागपत, हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, अलीगढ़, आगरा और मथुरा समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों का उल्लेख किया गया। शिव सेना पदाधिकारियों ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी और विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र को देखते हुए यहां प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। संगठन ने संविधान के अनुच्छेद-3 का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद को राज्यों के पुनर्गठन और नए राज्य के गठन का अधिकार प्राप्त है। ज्ञापन में कहा गया कि पृथक राज्य की मांग का उद्देश्य प्रशासन को जनता के नजदीक लाना और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास को गति देना है। ज्ञापन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की मांग भी उठाई गई। शिवसेना के अनुसार क्षेत्र की बड़ी आबादी, तेजी से बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए यहां उच्चस्तरीय चिकित्सा संस्थान की आवश्यकता है। संगठन ने केंद्र सरकार से विशेषज्ञ समिति गठित कर उपयुक्त स्थान का चयन करते हुए एम्स स्थापित करने की दिशा में कदम उठाने की मांग की। शिव सेना ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट की स्थायी खंडपीठ स्थापित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि पश्चिमी यूपी के वादकारियों को हाईकोर्ट से संबंधित मामलों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते हैं। संगठन ने कहा कि इस मांग को लेकर क्षेत्र के अधिवक्ताओं की ओर से लंबे समय से आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किए जाते रहे हैं। शिव सेना ने प्रधानमंत्री से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पृथक राज्य का दर्जा देने की प्रक्रिया पर गंभीरता से विचार करने के साथ ही क्षेत्र में एम्स और हाईकोर्ट की स्थायी खंडपीठ की स्थापना के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में शिवसेना पश्चिम उत्तर प्रदेश के राज्य प्रमुख ललित मोहन शर्मा, सहारनपुर मंडल प्रमुख शरद, प्रदेश महासचिव बिट्टू सिखेड़ा और मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष मुकेश त्यागी समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।



