हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन से प्रशासक हटाने की याचिका पर हाईकोर्ट का नोटिस जारी

हाईकोर्ट ने 14 अगस्त तक जवाब दाखिल करने का दिया समय

गुरुग्राम (संजय कुमार मेहरा) । हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन (एचएफए) के पूर्व अध्यक्ष सूरज पाल अम्मू और छह अन्य सदस्यों द्वारा एसोसिएशन के प्रशासन को हटाने की हाईकोर्ट में दायर याचिका पर नोटिस जारी किया गया है। हाईकोर्ट की ओर से नोटिस जारी करके 14 अगस्त 2026 तक जवाब मांगा गया है। याचिका में कहा गया है कि एसोसिएशन के प्रशासक सेवानिवृत्त जस्टिस एचएस भल्ला को हटाया जाए और नये चुनाव कराए जाएं। न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल की अदालत ने केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और अन्य पक्षों को यह नोटिस जारी किया है।

याचिकाकर्ताओं ने राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम 2025 के प्रावधान लागू कर प्रशासक को हटाने और नए चुनाव कराने की मांग की है। उनका कहना है कि एचएफए के चुनाव 23 अगस्त 2024 को कोर्ट द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक की निगरानी में हुए थे और पर्यवेक्षक ने प्रक्रिया के सफलतापूर्वक संपन्न होने की पुष्टि भी की थी। बाद में चुनावों पर आपत्तियों के बाद रजिस्ट्रार ने एचएफए में प्रशासक नियुक्त कर दिया था। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि 23 मई 2025 को हरियाणा सरकार के आदेश के अनुसार कोई भी प्रशासक छह महीने से अधिक नहीं रह सकता, जबकि जस्टिस भल्ला का कार्यकाल इस अवधि से आगे बढ़ चुका है। याचिका में मई 2026 में जारी उस सार्वजनिक नोटिस को भी चुनौती दी गई है जिसमें कहा गया था कि प्रशासक को सदस्यता प्रक्रिया चलाने का अधिकार नहीं है।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ऐसे फैसले केवल निर्वाचित कार्यकारिणी ही ले सकती है। साथ ही अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच एसोसिएशन के बैंक खाते से 21 लाख रुपये से अधिक निकाले जाने का आरोप लगाते हुए राशि की वसूली और आगे निकासी पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका कर्ताओं का कहना है कि संगठन में प्रशासनिक हस्तक्षेप किया जा रहा है जो कानून के विरुद्ध है। उनकी यह लड़ाई उस समय तक जारी रहेगी, जब तक कि खिलाडिय़ों के उत्थान के लिए किये जा रहे प्रयास फलीभूत नहीं होते हैं।

 

 

 

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