गैस मीटर अपडेट के नाम पर साइबर ठगी

खाते से 1.35 लाख रुपये निकाले व्हाट्सऐप पर लिंक भेजकर जाल में फंसाया
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। जानकीपुरम में गैस मीटर अपडेट कराने के नाम पर साइबरजालसाज ने खुद को ग्रीन गैस विभाग का कर्मचारी बताकर एक व्यक्ति को ऐप डाउनलोड कराया। इसके बाद बैंक खाते और डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। पीड़ित पवन कुमार मौर्य के खाते से अगले दिन 1.35 लाख रुपए की अनधिकृत निकासी हो गई। पीड़ित ने साइबर क्राइम सेल, जानकीपुरम में शिकायत देकर कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग की है। शिकायत के मुताबिक, दो अक्टूबर को पवन कुमार के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया।
कॉल करने वाले ने गैस मीटर अपडेट कराने की बात कहकर एक ऐप डाउनलोड करने को कहा। ऐप में फॉर्म भरने के दौरान उनसे नाम, मोबाइल नंबर, उपभोक्ता संख्या, बैंक खाते और डेबिट कार्ड की जानकारी के साथ एमपिन भी मांगा गया। इसके बाद ऑनलाइन भुगतान कराने का प्रयास किया गया, लेकिन भुगतान बार-बार विफल होता रहा। आरोप है कि तीन अक्टूबर की रात करीब 8:10 बजे व्हाट्सऐप पर मिले संदेशों और लिंक के जरिए प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बाद उनके खाते से 1.35 लाख रुपए निकल गए।
पीड़ित के मुताबिक, रकम निकलने की जानकारी होने पर उन्होंने तत्काल बैंक से संपर्क किया और खाते व बैंकिंग सेवाओं को ब्लॉक करा दिया। उन्होंने अपनी शिकायत के साथ बैंक स्टेटमेंट, संदिग्ध मोबाइल नंबर और व्हाट्सऐप संदेशों के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराने की बात कही है। पीड़ित ने आरोपी की पहचान कर रकम वापस दिलाने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जानकीपुरम थाना प्रभारी विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।



