शक्ति मूर्ति सिंह। लखनऊ
सफलता की कहानियां अक्सर संघर्ष की नींव पर खड़ी होती हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है लखनऊ के उद्यमी मुकेश महाराज की, जिन्होंने वर्ष 2006 में अपनी मां के आशीर्वाद और 10 लाख रुपये की पूंजी से ट्यूलिप आईवियर की शुरुआत की और आज उसे शहर के प्रमुख आई केयर एवं आईवियर ब्रांडों में स्थापित कर दिया है। मुकेश महाराज का परिवार सेवा क्षेत्र (सर्विस बैकग्राउंड) से जुड़ा रहा।
युवावस्था में उन्होंने देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) की तैयारी भी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने जीवन में हार नहीं मानी और निजी क्षेत्र में आगे बढ़ने का निर्णय लिया। संघर्ष के दिनों में उन्होंने क्रेडिट कार्ड बेचने का काम किया और लगभग दो वर्षों तक एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी भी की। व्यवसाय की दुनिया में कदम रखना आसान नहीं था। एक समय ऐसा भी आया जब वे आर्थिक संकट और दिवालियापन जैसी परिस्थितियों से गुजरे।
लेकिन उनकी मां ने उन पर विश्वास बनाए रखा और 10 लाख रुपये देकर नया कारोबार शुरू करने के लिए प्रेरित किया। इसी विश्वास और आशीर्वाद ने ट्यूलिप आईवियर की नींव रखी। शुरुआत में मुकेश महाराज प्रसिद्ध लेंस ब्रांड क्रिजÞल के वितरक के रूप में कार्य करते थे। धीरे-धीरे उन्होंने ग्राहकों का विश्वास जीता और अपने व्यवसाय का विस्तार किया।
आज ट्यूलिप आईवियर की लखनऊ में आठ शाखाएं संचालित हो रही हैं, जहां आधुनिक तकनीक से आंखों की जांच और गुणवत्तापूर्ण आईवियर उपलब्ध कराए जाते हैं। ट्यूलिप आईवियर की एक विशेषता यह भी है कि यहां आंखों की जांच अत्यंत किफायती दरों पर की जाती है।










