एक्सप्रेसवे पर तीन दोस्तों की मौत, दंपति समेत छह घायल
चार घंटे के बीच एक ही स्थान पर हुए हादसे,मृतक दोस्तों के साथ थार से देहरादून जा रहे थे

गुलफाम
नागल। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर गांव लाखनौर के पास बने गोल चक्कर पर रविवार सुबह एक ही स्थान पर तीन अलग-अलग सड़क हादसों में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दंपति सहित छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार हादसों से एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई।
सूचना पर पहुंची थाना नागल पुलिस ने एक्सप्रेसवे की एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया और मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
*पहला हादसा - सुबह 4 बजे:* जनपद आगरा निवासी राहुल (28), सक्षम (26) और साहिल (28) अपने दो साथी हेमंत वर्मा और सचिन वर्मा के साथ थार कार से देहरादून जा रहे थे। जैसे ही उनकी कार गांव लाखनौर के निकट गोल चक्कर पर पहुंची, अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि राहुल, सक्षम और साहिल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हेमंत वर्मा और सचिन वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए।
*दूसरा हादसा - सुबह 4:30 बजे:* पहला हादसा हुए अभी आधा घंटा ही बीता था कि उसी स्थान पर दूसरा हादसा हो गया। राजस्थान के भिवाड़ी निवासी रणवीर यादव और दीपक कुमार ब्रेजा कार से देहरादून जा रहे थे। पहले हादसे के मलबे के पास पहुंचते ही उनकी कार भी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इसमें दोनों घायल हो गए।
*तीसरा हादसा - सुबह 9:30 बजे:* तीसरा हादसा सुबह साढ़े नौ बजे हुआ। नोएडा निवासी अंकुर रस्तोगी अपनी पत्नी के साथ स्विफ्ट डिजायर कार से देहरादून जा रहे थे। उसी खतरनाक गोल चक्कर पर उनकी कार भी डिवाइडर से टकरा गई, जिससे पति-पत्नी दोनों घायल हो गए।
थाना प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम यादव ने बताया कि मृतकों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। अभी तक किसी पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गोल चक्कर पर तीन हादसों ने उठाये सवाल
नागल। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर गांव लखनौर के पास स्थित गोल चक्कर पर थोड़ी-थोड़ी देर में हुए तीन हादसों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही जगह तीन दोस्तों की मौत और 6 लोगों के घायल होने की खबर से सभी हतप्रभ हैं।
रविवार सुबह 4 बजे से साढ़े 10 बजे के बीच तीन कारें डिवाइडर से टकरा गईं। पहला हादसा सबसे भीषण था जिसमें आगरा के तीन युवकों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि गोल चक्कर पर संकेतक, लाइट और चेतावनी बोर्ड की कमी से हादसे हो रहे हैं। प्रशासन को सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करनी चाहिए।



