उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 39वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शारदानगर बैराज स्थित स्मारक स्थल पर पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन रालोद जिलाध्यक्ष पंडित शिव प्रसाद द्विवेदी की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, किसान और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में चौधरी चरण सिंह के किसान हितैषी कार्यों और ग्रामीण विकास में उनके योगदान को याद किया गया।
“देश कभी नहीं भूलेगा चौधरी चरण सिंह का योगदान”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रालोद जिलाध्यक्ष पंडित शिव प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने अपना पूरा जीवन किसानों, गरीबों और ग्रामीण समाज के उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि देश उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता।
उन्होंने कहा कि जब किसानों की आवाज को गंभीरता से नहीं सुना जाता था, तब चौधरी चरण सिंह ने संसद से लेकर सरकार तक किसानों के मुद्दों को मजबूती से उठाया। खेती, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय को लेकर उनकी नीतियां आज भी प्रासंगिक मानी जाती हैं।
सादगी और ईमानदारी की मिसाल थे चौधरी चरण सिंह
रालोद जिलाध्यक्ष ने कहा कि चौधरी चरण सिंह हमेशा गांव की मिट्टी से जुड़े रहे और प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने किसानों की समस्याओं को अपनी प्राथमिकता बनाए रखा। उन्होंने किसानों के कर्ज, फसलों के उचित मूल्य और ग्रामीण विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे।
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चौधरी चरण सिंह के जीवन को सादगी, ईमानदारी और किसान हितैषी राजनीति की मिसाल बताया। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में भी उनकी विचारधारा किसानों और ग्रामीण समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस मौके पर रालोद के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश बाजपेई, विशेष आमंत्रित सदस्य डॉ. अनुराग शुक्ला, महासचिव राकेश पांडे, सचिव विश्वनाथ शर्मा, इंद्रजीत सिंह, श्रीनगर विधानसभा अध्यक्ष मध्यांशु पांडे, हरनाम वर्मा, विकास गुप्ता, शिवकुमार शर्मा, शकील, प्रदीप सिंह, संदीप सिंह, राधेश्याम शर्मा, पंकज सिंह, निखिल सिंह, मोहन गुड्डू, हरीश वर्मा, वीरेंद्र वर्मा और अमन वर्मा सहित कई लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने चौधरी चरण सिंह के बताए रास्ते पर चलने और किसानों के हितों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।










