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थाईलैंड में सामूहिक गोलीबारी के बाद नये बंदूक लाइसेंस पर रोक

थाईलैंड में सामूहिक गोलीबारी के बाद नये बंदूक लाइसेंस पर रोक

बैंकॉक, एजेंसी। थाईलैंड सरकार ने बैंकॉक के निकट दो घातक गोलीबारी की घटनाओं के बाद बंदूक नियंत्रण कड़ा करने और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान तेज करने का फैसला किया है। सरकार ने पिछले सप्ताह एक स्कूल में गोलीबारी की घटना के बाद नये बंदूक खरीद परमिट जारी करने पर अस्थाई रोक लगा दी है और हथियारों पर नियंत्रण मजबूत करने के उपाय शुरू किये हैं। इस घटना में 14 वर्षीय एक किशोर ने आठ लोगों की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली थी। प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने सरकारी एजेंसियों को बंदूक नियंत्रण व्यवस्था को तत्काल मजबूत करने के निर्देश दिये हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक नये उपायों के तहत नये बंदूक खरीद परमिट जारी करने पर अस्थाई रोक लगाने, लंबित आवेदनों की समीक्षा करने और नए ह्लवेलफेयर गनह्व कार्यक्रमों को निलंबित करने का फैसला किया गया है। इन योजनाओं के तहत सरकारी कर्मचारियों और राजनेताओं सहित पात्र सार्वजनिक अधिकारियों को रियायती दरों पर हथियार खरीदने की सुविधा मिलती है। सरकार ने देशभर में बंदूक विक्रेताओं के निरीक्षण और बिक्री रिकॉर्ड के सत्यापन का भी आदेश दिया है। शूटिंग रेंज में गोला-बारूद के भंडारण और नियमों के अनुपालन की भी जांच की जायेगी। अधिकारियों को अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान तेज करने और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत अधिकतम सजा सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। सरकार ने दीर्घकालिक स्तर पर कानून में बदलाव की भी आवश्यकता जताई है। प्रस्तावित उपायों में हथियार संबंधी अपराधों के लिए कड़ी सजा, गोला-बारूद की बिक्री पर अधिक नियंत्रण और बंदूक लाइसेंस के अधिक नियमित नवीनीकरण की व्यवस्था शामिल है। सरकार ने गोलीबारी में मारे गए छह लोगों के परिजनों को शुरूआती मुआवजे के रूप में 10 लाख बाट (करीब 30 हजार डॉलर) देने को भी मंजूरी दी है। इस घटना ने थाईलैंड में बंदूक रखने की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। दक्षिण-पूर्व एशिया में थाईलैंड में नागरिकों के पास हथियार होने की दर सबसे अधिक देशों में शामिल है। पुलिस के अनुसार, हमलावर किशोर ने शुक्रवार को नोंथाबुरी प्रांत स्थित अपने घर में पहले अपने दादा-दादी की गोली मारकर हत्या की और उसके बाद एक माध्यमिक विद्यालय में गोलीबारी की, जहां छह लोगों की मौत हुई। इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। वर्ष 2022 के बाद से इसे थाईलैंड की सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी बताया गया है। पुलिस ने बताया कि किशोर के पास से पहले एक एयर गन बरामद की गई थी, जिसे एक शिक्षक ने जब्त कर लिया था। उसने सोशल मीडिया के माध्यम से हथियारों के बारे में जानकारी हासिल की थी। हमले में इस्तेमाल बंदूक उसके दादा की होने की आशंका है। शिक्षा मंत्रालय ने भी स्कूलों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए उपाय लागू करने की घोषणा की है। इनमें मानसिक स्वास्थ्य जांच और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों के पास भेजने की व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यास, धमकाने और उत्पीड़न की घटनाओं की रोकथाम तथा स्कूल परिसरों में हथियार और अन्य खतरनाक वस्तुओं के प्रवेश को रोकने के लिए कड़े उपाय शामिल हैं। गोलीबारी की घटना ने थाईलैंड में नागरिकों के बीच हथियारों की अपेक्षाकृत अधिक उपलब्धता और हथियारों से होने वाली मौतों को लेकर भी बहस को फिर तेज कर दिया है। कम उम्र के लोगों की हथियारों तक पहुंच को लेकर भी चिंता जताई गई है। थाईलैंड में पहले भी सामूहिक गोलीबारी की घटनाओं के बाद बंदूक नियंत्रण मजबूत करने का दबाव रहा है। हालिया स्कूल हमले के बाद सरकार द्वारा घोषित उपाय हथियारों के नियमन को कड़ा करने की दिशा में एक नया प्रयास माने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि गोला-बारूद की बिक्री पर कड़े नियंत्रण का मुद्दा सरकार के एजेंडे में है। स्थानीय मीडिया के अनुसार शिक्षा मंत्री ने छात्रों को स्कूल में हथियार लाने से रोकने के लिए प्रवेश द्वारों पर जांच व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा है।

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