बिजली संकट पर फिर आमने-सामने आए योगी और अखिलेश, बयानबाजी से गरमाई यूपी की राजनीति

उत्तर प्रदेश में बिजली संकट और बढ़ती गर्मी के बीच सियासी पारा भी लगातार चढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के बीच जुबानी जंग अब खुलकर सामने आ गई है। दोनों नेताओं के बयान सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बने हुए हैं।दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बिजली संकट और विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि “जिन लोगों के समय बिजली के तारों पर कपड़े सूखते थे, वे आज बिजली व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।” सीएम योगी का यह बयान सीधे तौर पर पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना माना गया।

मुख्यमंत्री के इस बयान पर अब अखिलेश यादव ने तीखा पलटवार किया है। सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि “अगले चुनाव में जनता भाजपा को धो-पटककर हमेशा के लिए सुखा देगी।” उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि शुक्र है मुख्यमंत्री ने बिजली संकट के पीछे “दिल्ली वालों के भेजे हुए दूत” की साजिश नहीं बता दी।अखिलेश यादव ने अपने बयान में सरकार के अंदरूनी तालमेल पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि आखिर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों में बिजली मंत्री शामिल क्यों नहीं दिखाई देते। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि मंत्री बैठक में आते नहीं हैं या उन्हें बुलाया नहीं जाता। सपा प्रमुख ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर दोनों साथ बैठते हैं तो मुख्यमंत्री को बिजली मंत्री के साथ तस्वीर साझा करनी चाहिए, ताकि जनता को “आपसी गर्मी” से कुछ राहत मिल सके।

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सपा प्रमुख ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और जनता लगातार कटौती से परेशान है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर हालात इतने खराब हैं कि भाजपा के विधायक और सांसद तक अपनी ही सरकार के खिलाफ शिकायत पत्र लिख रहे हैं। अखिलेश यादव ने दावा किया कि बिजली सब-स्टेशनों पर पीएसी तैनात करनी पड़ रही है, क्योंकि जनता में भारी नाराजगी है।

वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले की सरकारों में गरीबों के लिए योजनाएं केवल चुनिंदा लोगों तक सीमित थीं, लेकिन मौजूदा सरकार ने सभी वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिजली संकट से निपटने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि लोग जरूरत के अनुसार ही बिजली का इस्तेमाल करें और अनावश्यक बिजली खपत से बचें। सीएम योगी ने नगर निगमों और ग्राम पंचायतों से भी जरूरत के अनुसार ही स्ट्रीट लाइट जलाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि बिजली बचाना सिर्फ पावर कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि डबल इंजन सरकार बिजली संकट समेत हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रदेश में बढ़ती गर्मी और बिजली कटौती के बीच अब यह मुद्दा पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में बिजली संकट और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे 2027 विधानसभा चुनाव की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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