सुजीत, अंतिम और अमन के सामने कठिन चुनौती, ड्रॉ ने बढ़ाई पदक की राह
65 किग्रा फ्रीस्टाइल में सुजीत कलकल, महिला 53 किग्रा में अंतिम पंघाल और 57 किग्रा में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत के ड्रॉ में कई मजबूत प्रतिद्वंद्वी मौजूद हैं।

नागोया। एशियाई खेलों की कुश्ती स्पर्धा में भारतीय पहलवानों के सामने शुरुआत से ही कड़ी चुनौती होगी। 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में सुजीत कलकल, महिला 53 किग्रा में अंतिम पंघाल और 57 किग्रा में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत के ड्रॉ में कई मजबूत प्रतिद्वंद्वी मौजूद हैं।अंडर-23 विश्व चैंपियन सुजीत शानदार फॉर्म के साथ जापान पहुंचे हैं। उन्होंने इस साल एशियाई चैंपियनशिप के अलावा जाग्रेब ओपन और मुहामेत मालो रैंकिंग सीरीज में स्वर्ण पदक जीते हैं। संभावित क्वार्टर फाइनल में उन्हें ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेह और सेमीफाइनल में घरेलू पहलवान एवं ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका की चुनौती मिल सकती है।
अंतिम पंघाल भी वापसी को मजबूत बनाने के इरादे से उतरेंगी। हांगझोउ एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता अंतिम के संभावित सेमीफाइनल में चीन की झांग जिन से भिड़ सकती हैं। दोनों के बीच अब तक दो मुकाबले हुए हैं और दोनों में अंतिम ने जीत दर्ज की है।अमन सहरावत 57 किग्रा वर्ग में ओलंपिक पदक विजेता के तौर पर एशियाई खेलों में वापसी करेंगे। शुरुआती दौर में उनका सामना उज्बेकिस्तान के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता गुलोमजोन अब्दुल्लाएव या जापान के यामातो ओगावा से हो सकता है। आगे क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान के नूरदानत एतानोव और सेमीफाइनल में ईरान के अली मोमेनी से संभावित मुकाबला है।
भारतीय पुरुष फ्रीस्टाइल टीम में सागर जगलान, दीपक पूनिया और रजत रुहाल भी शामिल हैं। महिला वर्ग में निशा दहिया, मनीषा भनवाला, मानसी अहलावत, प्रिया मलिक और पदार्पण कर रहीं दीपांशी चुनौती पेश करेंगी। दीपांशी के सामने 50 किग्रा वर्ग में शुरुआती दौर में जापान की पूर्व विश्व और ओलंपिक चैंपियन यूई सुसाकी होंगी।
ग्रीको-रोमन में सुनील कुमार और नितेश सिवाच पर भी निगाहें रहेंगी। सुनील के संभावित सेमीफाइनल में जापान के ताइजो योशिदा से मुकाबला हो सकता है। इस बार कुश्ती के प्रत्येक भार वर्ग की पूरी प्रतियोगिता एक ही दिन होगी। क्वालीफिकेशन से लेकर सेमीफाइनल और पदक मुकाबले तक सभी चरण उसी दिन पूरे किए जाएंगे। भारत ने 2022 एशियाई खेलों में कुश्ती में छह पदक जीते थे।



