लाखों की प्रविष्टियां लंबित, नोटिस जारी कर जिम्मेदारी से इतिश्री

पीलीभीत। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कार्यों में लापरवाही पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने सख्ती दिखाई है। समीक्षा में भारत सरकार के पोर्टल पर बड़ी संख्या में परिसंपत्तियों और वाहनों की प्रविष्टियां लंबित मिलने पर संबंधित खंड प्रेरकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। तीन दिन में लंबित प्रविष्टियां पूरी करने और देरी का कारण स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, इतनी बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद भी कार्रवाई फिलहाल नोटिस तक ही सीमित है।
समीक्षा के दौरान जिले में कुल 1,361 परिसंपत्तियों की प्रविष्टियां होनी थीं, इनमें से 654 लंबित मिलीं। वहीं, वाहनों के आकलन से संबंधित 1,560 प्रविष्टियां भी अधूरी पाई गईं। अपशिष्ट पृथक्करण शेड समेत अन्य परिसंपत्तियों की प्रगति भी संतोषजनक नहीं मिली। इससे स्पष्ट है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत कराए जा रहे कार्यों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज कराने में जिम्मेदार गंभीरता नहीं बरत रहे हैं।
इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने संबंधित खंड प्रेरकों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर शत-प्रतिशत प्रविष्टियां पूरी कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विलंब का कारण बताते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। चेतावनी दी गई है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस के बाद कार्रवाई का इंतजार
लंबित प्रविष्टियों की बड़ी संख्या के बावजूद अभी तक जिम्मेदारों पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सरकारी योजनाओं की निगरानी और प्रगति का ब्योरा दर्ज कराने में लापरवाही बरतने वालों पर जवाबदेही कब तय होगी। अब तीन दिन की समयसीमा पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि विभागीय सख्ती का असर धरातल पर दिखता है या मामला स्पष्टीकरण तक ही सीमित रह जाता है।



