दिग्गजों व युवा खिलाड़ियों की नजरें घरेलू क्रिकेट में चमक बिखेरने पर
रणजी ट्रॉफी 2026-27 के मुकाबले 11 से देश के कई मैदानों पर सुबह 9:30 बजे से

नई दिल्ली। रणजी ट्रॉफी 2026-27 का आगाज रविवार से होने जा रहा है। प्रतिष्ठित घरेलू क्रिकेट टूनार्मेंट में इस बार अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं पर भी निगाहें रहेंगी। पिछले सत्र में आठ बार की चैंपियन कर्नाटक को हराकर खिताब जीतने वाली जम्मू-कश्मीर की टीम के सामने इस बार अपना ताज बचाने की चुनौती होगी। वहीं, मुंबई, कर्नाटक, बंगाल, दिल्ली, सौराष्ट्र और विदर्भ जैसी मजबूत टीमें भी खिताब पर कब्जा जमाने के इरादे से उतरेंगी। टूनार्मेंट का फाइनल 27 फरवरी 2027 को खेला जाएगा। पिछले सत्र में जम्मू-कश्मीर ने अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। टीम ने दिग्गज खिलाड़ियों से सजी कर्नाटक को हराकर पहली बार खिताब जीतने का गौरव हासिल किया। हालांकि, इस बार उसके लिए राह आसान नहीं होगी। अन्य टीमें पिछले सत्र के प्रदर्शन से सबक लेकर बेहतर तैयारी के साथ मैदान पर उतरेंगी। मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड और महाराष्ट्र की टीमें भी खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदारी पेश करना चाहेंगी।
राहुल, जडेजा व जायसवाल पर रहेंगी निगाहें : इस सत्र में कई भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की मौजूदगी टूनार्मेंट का आकर्षण बढ़ाएगी। केएल राहुल (कर्नाटक), वाशिंगटन सुंदर (तमिलनाडु), रविंद्र जडेजा (सौराष्ट्र), यशस्वी जायसवाल (मुंबई) और रजत पाटीदार (मध्य प्रदेश) जैसे खिलाड़ी टूनार्मेंट के कुछ या सभी मुकाबलों में खेलते नजर आ सकते हैं। इन खिलाड़ियों के लिए रणजी ट्रॉफी अपनी टीम को जीत दिलाने के साथ लाल गेंद के क्रिकेट में लय हासिल करने का भी अहम अवसर होगी। राहुल और जायसवाल के प्रदर्शन पर विशेष नजर रहेगी। उन्हें न्यूजीलैंड के आगामी दौरे पर दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला से पहले अपनी तैयारियों को मजबूत करने का मौका मिल सकता है। वाशिंगटन सुंदर भी अपनी गेंदबाजी को धार देने और टेस्ट टीम में जगह मजबूत करने के इरादे से उतरेंगे। वहीं, रजत पाटीदार मध्य प्रदेश के लिए अहम भूमिका निभाने की कोशिश करेंगे।
शमी की वापसी पर भी रहेंगी नजरें : तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए भी यह सत्र महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। वह अपने प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम में वापसी की दावेदारी मजबूत करना चाहेंगे। शमी ने 2023 के बाद से टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है और 2025 के बाद से भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहे हैं। पिछले घरेलू सत्र में उनके प्रभावशाली प्रदर्शन ने वापसी की उम्मीदें कायम रखी थीं। भारत को अगले साल की शुरूआत में आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर पांच टेस्ट मैच खेलने हैं। ऐसे में बंगाल की ओर से रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन शमी के लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी का रास्ता मजबूत कर सकता है। चोटों की समस्या को देखते हुए चयनकर्ता भी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के विकल्पों पर नजर रखेंगे।
युवा खिलाड़ियों के पास प्रतिभा दिखाने का मौका : रणजी ट्रॉफी का यह सत्र युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी पहचान बनाने का बड़ा मंच होगा। बिहार के किशोर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से राज्य की क्रिकेट प्रतिभा को नई पहचान दिलाई है। अब साकिबुल गनी जैसे खिलाड़ियों से भी बिहार की टीम को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। झारखंड की टीम भी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के दम पर मजबूत चुनौती पेश करने की तैयारी में है। कुमार कुशाग्र, अनुकूल रॉय, शिखर मोहन, विराट सिंह और शरनदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों से टीम को बड़ी पारियों की उम्मीद होगी। झारखंड की पहचान अब महेंद्र सिंह धोनी की विरासत और ईशान किशन के प्रदर्शन से आगे बढ़कर नई प्रतिभाओं के दम पर भी बन रही है।
युवा गेंदबाजों पर भी चयनकर्ताओं की नजर : बल्लेबाजों के साथ युवा गेंदबाजों के प्रदर्शन पर भी सबकी निगाहें रहेंगी। तमिलनाडु के गुरजपनीत सिंह, विदर्भ के हर्ष दुबे, तेलंगाना के त्रिपुराना विजय और उत्तर प्रदेश के जिशान अंसारी जैसे खिलाड़ियों के पास अपनी गेंदबाजी से प्रभावित करने का अवसर होगा। कुल मिलाकर रणजी ट्रॉफी का यह सत्र अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव और युवाओं के जोश का दिलचस्प संगम बनने जा रहा है। जहां जम्मू-कश्मीर खिताब बचाने उतरेगी, वहीं अन्य टीमें उसे चुनौती देने के लिए पूरी ताकत लगाएंगी।



