ब्रिटेन की धरती पर भारतीय शैली कुश्ती का परचम, भारत ने सभी 6 भार वर्गों में जीते स्वर्ण पदक
इस ऐतिहासिक चैम्पियनशिप का सबसे बड़ा आकर्षण महाराष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय पहलवान रविराज चव्हाण शिवा रहे, जिन्होंने शानदार दांव-पेंच का प्रदर्शन करते हुए भारतीय शैली कुश्ती के प्रथम इंटरनेशनल केसरी खिताब पर कब्जा कर इतिहास रच दिया।

नई दिल्ली। भारतीय शैली कुश्ती के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि यूनाइटेड किंगडम के वूल्वरहैम्प्टन में आयोजित प्रथम अंतरराष्ट्रीय केसरी भारतीय शैली कुश्ती चैम्पियनशिप 2026 में भारतीय दल ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सभी 6 भार वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर चैम्पियनशिप अपने नाम कर ली है।भारतीय पहलवानों ने ब्रिटेन की धरती पर अपनी तकनीक, शारीरिक क्षमता और गौरवशाली अखाड़ा परंपरा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सबका दिल जीत लिया। इस ऐतिहासिक चैम्पियनशिप का सबसे बड़ा आकर्षण महाराष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय पहलवान रविराज चव्हाण शिवा रहे, जिन्होंने शानदार दांव-पेंच का प्रदर्शन करते हुए भारतीय शैली कुश्ती के प्रथम इंटरनेशनल केसरी खिताब पर कब्जा कर इतिहास रच दिया।
भारतीय दल के साथ भारतीय शैली कुश्ती महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव एवं यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग की पारंपरिक कुश्ती समिति के सदस्य श्री गौरव रोशन लाल सचदेवा भी ब्रिटेन पहुंचे। इस अवसर पर सचदेवा ने कहा भारतीय टीम की यह सफलता केवल पदकों की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारत की मिट्टी, अखाड़ा संस्कृति और भारतीय शैली कुश्ती की विरासत को विश्व मंच तक ले जाने के हमारे संकल्प की महत्वपूर्ण शुरुआत है। उन्होंने आगे कहा, भारतीय शैली कुश्ती महासंघ का उद्देश्य है कि भारतीय शैली कुश्ती की पहचान केवल भारत तक सीमित न रहे, बल्कि विश्व के हर देश तक पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय और खेल प्रेमी इस महान परंपरा से जुड़ सकें। भारतीय शैली कुश्ती हमारी मिट्टी, संस्कृति, अनुशासन और अखाड़ा परंपरा की पहचान है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
भारतीय शैली कुश्ती महासंघ ने इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में इंडियन स्टाइल रेसलिंग फेडरेशन ऑफ यूके, वूल्वरहैम्प्टन के स्थानीय प्रशासन, गुरुद्वारा गुरु नानक सत्संग सिख टेम्पल, वूल्वरहैम्प्टन (यू.के) तथा भारतीय एवं स्थानीय समुदाय के सहयोग और आत्मीय आतिथ्य के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया है। महासंघ के अनुसार, वूल्वरहैम्प्टन में आयोजित यह चैम्पियनशिप भारत, ब्रिटेन तथा ब्रिटेन के संयुक्त संबंधित देशों के बीच खेल एवं सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने तथा भारतीय शैली कुश्ती को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। भारत की मिट्टी से ब्रिटेन की धरती तक पहुंची भारतीय शैली कुश्ती की यह विजय यात्रा अब विश्व मंच की ओर अग्रसर है।



