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विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवेदन शुरू, 10 दिन की ट्रेनिंग के साथ ₹4,500 मानदेय मिलेगा

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवेदन शुरू, 10 दिन की ट्रेनिंग के साथ ₹4,500 मानदेय मिलेगा

आधुनिक टूलकिट खरीदने के लिए ₹10 हजार की आर्थिक सहायता, पारंपरिक कारीगरों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

गाजियाबाद। पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। योजना के तहत पात्र कारीगरों को 10 दिन का आवासीय प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की जानकारी, ₹4,500 का प्रशिक्षण मानदेय और टूलकिट खरीदने के लिए ₹10 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

जिला उद्योग केंद्र के अनुसार इस वर्ष दर्जी, नाई, बढ़ई, लोहार, कुम्हार और हलवाई सहित विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगर आवेदन कर सकते हैं। योजना का उद्देश्य पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार से जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।

10 दिन की ट्रेनिंग, प्रतिदिन ₹450 मानदेय

विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में जिले को 1,050 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला था। चयनित लाभार्थियों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन ₹450 की दर से कुल ₹4,500 का मानदेय उनके बैंक खातों में भेजा गया। वहीं आधुनिक टूलकिट वितरण की प्रक्रिया जारी है।

प्रशिक्षण के दौरान सरकार उठाएगी पूरा खर्च

योजना के तहत चयनित कारीगरों को आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक, नए उपकरणों का उपयोग, व्यवसाय प्रबंधन और उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने के गुर सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण अवधि में रहने और भोजन की पूरी व्यवस्था सरकार की ओर से की जाएगी।

प्रशिक्षण के बाद मिलेगी ₹10 हजार की सहायता

प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद प्रत्येक लाभार्थी को ₹10,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपने व्यवसाय के लिए आधुनिक टूल्स और मशीनें खरीद सकें।

इस बार इन श्रेणियों से आवेदन

उपायुक्त उद्योग आशुतोष सिंह ने बताया कि इस वर्ष दर्जी, नाई, बढ़ई, लोहार, कुम्हार और हलवाई सहित पात्र कारीगर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष पर्याप्त आवेदन नहीं मिलने के कारण मोची, सुनार और टोकरी बुनकर श्रेणियों को जिले की योजना से बाहर कर दिया गया है।

कौन कर सकता है आवेदन?

  • उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • किसी पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ा होना चाहिए।
  • पात्रता की अन्य शर्तों का पालन करना आवश्यक होगा।

योजना का लाभ लेने के इच्छुक कारीगरों से समय रहते ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की गई है, ताकि उन्हें प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

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