स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
धारा 34 के सम्बंध में विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने की सी एम योगी से मुलाकातबिहार विधान परिषद चुनाव: पटना शिक्षक सीट पर भाजपा का 30 साल पुराना वर्चस्व समाप्तमहिला कायस्थ सेवा समिति ने मनाया करवा चौथ उत्सवयूपी विधान परिषद चुनाव: भाजपा ने चार, सपा ने दो सीटें जीतीं, लखनऊ में उमेश द्विवेदी ने लगाई हैट्रिकगैरसैंण को 231.91 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, सीएम धामी ने किया लोकार्पण-शिलान्यास‘ये प्रेम मोल लिया’ की रिलीज में बस एक महीना बाकी, दिवाली की सफाई में जुटे आयुष्मान और शरवरीजनगणना प्रक्रिया की तैयारी : घर घर पहुंचेंगे प्रशिक्षित प्रगणकNaseeruddin Shah ने खुद को बताया ‘दिमागी नक्सल’, जामिया के छात्रों के समर्थन में सरकार पर साधा निशानाअपराध नियंत्रण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, लंबित मामलों का करें समयबद्ध निस्तारण : एसपीपायनियर पब्लिक स्कूल एण्ड कालेज कालीथान बलरामपुर में रोबोटिक्स एवं ए0आई0 शो का आयोजनधारा 34 के सम्बंध में विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने की सी एम योगी से मुलाकातबिहार विधान परिषद चुनाव: पटना शिक्षक सीट पर भाजपा का 30 साल पुराना वर्चस्व समाप्तमहिला कायस्थ सेवा समिति ने मनाया करवा चौथ उत्सवयूपी विधान परिषद चुनाव: भाजपा ने चार, सपा ने दो सीटें जीतीं, लखनऊ में उमेश द्विवेदी ने लगाई हैट्रिकगैरसैंण को 231.91 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, सीएम धामी ने किया लोकार्पण-शिलान्यास‘ये प्रेम मोल लिया’ की रिलीज में बस एक महीना बाकी, दिवाली की सफाई में जुटे आयुष्मान और शरवरीजनगणना प्रक्रिया की तैयारी : घर घर पहुंचेंगे प्रशिक्षित प्रगणकNaseeruddin Shah ने खुद को बताया ‘दिमागी नक्सल’, जामिया के छात्रों के समर्थन में सरकार पर साधा निशानाअपराध नियंत्रण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, लंबित मामलों का करें समयबद्ध निस्तारण : एसपीपायनियर पब्लिक स्कूल एण्ड कालेज कालीथान बलरामपुर में रोबोटिक्स एवं ए0आई0 शो का आयोजन

अल्मोड़ा का ऐतिहासिक नंदा देवी का मेला देवभूमि की संस्कृति का ध्वजवाहक

अल्मोड़ा का ऐतिहासिक नंदा देवी का मेला देवभूमि की संस्कृति का ध्वजवाहक
पायनियर समाचार सेवा। अल्मोड़ा। उत्तराखंड के कण -कण देवी -देवताओ का निवास है अल्मोड़ा का नंदा देवी का मेला देवभूमि की संस्कृति का ध्वजवाहक है 400 साल से चले आ रहे ऐतिहासिक नंदा देवी के मेले में जागर गायन की परंपरा भी उतनी ही पुरानी है अल्मोड़ा में चंद्रवंशियों के शासनकाल में मल्ला महल से 17वीं शताब्दी में नंदा देवी मेले की शुरूआत हुई मेले के साथ ही यहां नंदा जागर गायन की परंपरा चली आ रही है नंदा देवी मेले में 400 साल से छानी -लवेशाल गांव के नंदा जागर गाने वाले लगातार मेले में प्रतिभाग करते हैं इस गांव में पीढ़ी दर पीढ़ी जागरण की परंपरा चली आ रही है यहां के लोग लगातार पिछले 400 सालों से हर वर्ष नंदा देवी मेले की शुरूआत के साथ ही यहां जागर गाने पहुंच जाते हैं मा नंदा की जागर तीन पहर गई जाती है नंदा देवी से जुड़े तमाम किस्से कहानी है उनमें जाकर भी प्रमुख है अल्मोड़ा के प्रखर साहित्यकार प्रोफेसर देव सिंह पोखरिया बताते हैं नंदा के जागर में सृष्टि के शुरूआत का भी जिक्र होता है शाम को लगने वाली है जागर में आदिदेवी नंदा के साथ सभी देवी देवताओं को निमंत्रित किया जाता है और ऐतिहासिक व पौराणिक गाथाओ को यह जगरिए वंदन करते है।
साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें