फेसबुक लिंक पर क्लिक पड़ गया भारी, पुलिस की तत्परता से वापस मिली रकम

अनिल कुमार गुप्ता। उतरौला (बलरामपुर)
साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच गैंडास बुजुर्ग पुलिस ने तत्परता और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के 27 हजार रुपये वापस कराकर उसे बड़ी राहत दिलाई है। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना गैंडास बुजुर्ग क्षेत्र के ग्राम बड़हरी पुरैना निवासी मोहम्मद उस्मान पुत्र मोहम्मद खालिक के मोबाइल फोन पर 23 मई 2026 को फेसबुक के माध्यम से एक संदिग्ध लिंक प्राप्त हुआ। अनजाने में लिंक पर क्लिक करते ही उनके बैंक खाते से 27 हजार रुपये की धनराशि निकल गई। खाते से रकम कटने का संदेश प्राप्त होते ही पीड़ित के होश उड़ गए।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मोहम्मद उस्मान ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 तथा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत संख्या 23105260100479 दर्ज होने के बाद मामला साइबर हेल्पडेस्क थाना गैंडास बुजुर्ग के संज्ञान में आया। शिकायत प्राप्त होते ही साइबर हेल्पडेस्क और संबंधित बैंक के अधिकारियों ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। तकनीकी जांच के दौरान ठगी गई धनराशि को आरोपी के बैंक खाते में ट्रेस कर तत्काल होल्ड कराया गया, जिससे रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोका जा सका।
साइबर हेल्पडेस्क प्रभारी उपनिरीक्षक शुभम कुमार यादव एवं महिला आरक्षी गरिमा सिंह ने निर्धारित मानक प्रक्रिया (एसओपी) के तहत मामले की विस्तृत जांच की। बैंक के नोडल अधिकारी से समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद 27 हजार रुपये की पूरी धनराशि सफलतापूर्वक पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दी गई। रुपये वापस मिलने के बाद मोहम्मद उस्मान ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते पुलिस और साइबर हेल्पडेस्क सक्रिय न होती तो उनकी मेहनत की कमाई वापस मिलना मुश्किल हो जाता। उन्होंने गैंडास बुजुर्ग पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की प्रशंसा करते हुए पूरी टीम का धन्यवाद दिया।
बलरामपुर पुलिस ने इस अवसर पर नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध संदेश, ओटीपी या बैंकिंग संबंधी जानकारी को किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें अथवा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। त्वरित सूचना मिलने पर ठगी गई धनराशि को वापस कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। थोड़ी सी सावधानी लोगों को आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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