राज्यपाल की उपस्थिति में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत युवा संगम चरण-6 कार्यक्रम का जन भवन में हुआ आयोजन
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जहां हर कोस पर भाषा बदलती है और हर क्षेत्र में परंपराएं अपना स्वरूप बदलती हैं, किंतु हमारी विविधता में कोई विभाजन नहीं है। हमारी विविधता एक इंद्रधनुष के समान है, जो भारत की पहचान को और अधिक उज्ज्वल बनाती है।
राज्यपाल मंगलवार को ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत युवा संगम चरण-6 के तहत अरुणाचल प्रदेश से आए प्रतिनिधि मंडल के साथ एक विशेष संवाद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग ले रही थी। कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश के छात्र-छात्राओं द्वारा पारंपरिक लोक नृत्य की मनोहारी सामूहिक प्रस्तुति दी गई। साथ ही, राज्य के थीम सॉन्ग पर भी सामूहिक गायन प्रस्तुत किया गया। राज्यपाल ने सभी प्रस्तुतिकरण की सराहना करते हुए उसे मनमोहक बताया।
इस क्रम में राज्यपाल ने अपने अरुणाचल प्रदेश के भ्रमण की स्मृतियों को साझा करते हुए वहां की प्राकृतिक सुंदरता का विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने तवांग जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थान अपनी अद्वितीय प्राकृतिक छटा एवं आकर्षण के कारण फिल्म निर्माण के लिए भी लोकप्रिय है, जहां अनेक फिल्मों की शूटिंग की जाती रही है। उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आप युवा भारत की विविधता के सजीव दूत हैं। आपमें वह ऊर्जा है, जो सीमाओं को मिटाकर संबंधों का नया मानचित्र रच सकते हैं। युवा संगम कार्यक्रम युवाओं के विचारों को विकसित करेगा, उनके अनुभवों को समृद्ध करेगा तथा उनके दृष्टिकोण को वैश्विक बनाएगा।
इस अवसर पर राज्यपाल ने भारत को संस्कृतियों का संगम, परंपराओं का महासागर और मानवता का जीवंत मंदिर बताया। उन्होंने कहा कि हमारी सबसे बड़ी शक्ति हमारी एकता है। जब विभिन्न राज्यों के युवा एक-दूसरे से जुड़ते हैं, तो राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त सेतु तैयार होता है। जब हम एक-दूसरे की संस्कृति को समझते हैं, उनकी परंपराओं को अपनाते हैं और उनकी तकनीकी प्रगति से सीखते हैं, तब हम केवल स्वयं को ही नहीं, बल्कि पूरे भारत को सशक्त बनाते हैं। इस अवसर पर अरूणाचल प्रदेश से आये प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को शॉल व जैकेट आदि पहनाकर सम्मानित किया।










