लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेशभर में एक व्यापक सांस्कृतिक एवं नाट्य अभियान शुरू करने जा रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं को भारतीय इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रभक्ति की भावना से जोड़ना है। योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल को “राष्ट्रचेतना महाभियान” के रूप में संचालित किया जाएगा, जिसके तहत ऐतिहासिक, साहित्यिक और प्रेरणादायक विषयों पर आधारित नाटकों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का मंचन किया जाएगा।
इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के लाखों युवाओं तक भारत की गौरवशाली परंपराओं, स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों और राष्ट्रनिर्माताओं के योगदान को पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि सांस्कृतिक गतिविधियां युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं।
अभियान के प्रमुख आकर्षणों में ‘आनंदमठ’ और ‘महाराजा सुहेलदेव’ जैसे फ्लैगशिप नाटक शामिल होंगे। इसके अलावा ‘झांसी की रानी’, ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’, ‘1857 की क्रांति’, ‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ और ‘बिजली पासी’ जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां भी दर्शकों के सामने लाई जाएंगी। इन नाटकों के जरिए देशभक्ति, साहस, बलिदान और सामाजिक चेतना के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
इतिहास के साथ-साथ साहित्य और विचार जगत की महान विभूतियों को भी इस अभियान में विशेष स्थान दिया गया है। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की अमर कृति ‘रश्मिरथी’, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद, महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक भारतेंदु हरिश्चंद्र तथा वीर सावरकर के जीवन और विचारों पर आधारित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाट्य मंचन तैयार किए जाएंगे।
प्रदेश के सभी जिलों में स्थित विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, संग्रहालयों, सभागारों और सांस्कृतिक केंद्रों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि प्रेरणादायक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक ज्ञान भी प्राप्त होगा। सरकार का लक्ष्य है कि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों, संस्कृति और राष्ट्रीय विरासत से गहराई से परिचित हो सके।
अभियान की तैयारियां जून 2026 से शुरू की जाएंगी, जबकि इसका पहला भव्य मंचन 2 अगस्त 2026 को राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित है। इसके बाद अगस्त 2026 से फरवरी 2027 तक पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सरकार ने इस महाअभियान के माध्यम से 5 से 10 लाख युवाओं तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का व्यापक प्रयास है।
राष्ट्रचेतना महाभियान के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। यह अभियान प्रदेश के सांस्कृतिक परिदृश्य को नई पहचान देने के साथ-साथ युवाओं में देश के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करेगा।










