जालौन में गोवंश संरक्षण को मिली नई दिशा

गौशालाओं की व्यवस्थाएं हुईं और मजबूत

जालौन। जिलाधिकारी राजेश पांडे के नेतृत्व में जनपद जालौन में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण, पालन-पोषण एवं गौशालाओं की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए गए हैं। भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए जनपद की सभी गौशालाओं में गोवंशों के लिए हरे चारे, भूसे, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था एवं चिकित्सा सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराया गया है। प्रशासन की सक्रिय निगरानी के चलते जनपद की गौशालाओं में गोवंशों के संरक्षण एवं देखभाल की व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संचालित हो रही हैं।

जानकारी देते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी मनोज अवस्थी ने बताया कि वर्तमान समय में जनपद जालौन में कुल 272 गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें 9 वृहद गौ संरक्षण केंद्र शामिल हैं। इन गौशालाओं में लगभग 27 हजार निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप गोवंशों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जनपद की 14 गौशालाओं का संचालन गो एवं स्वयं सहायता समूहों को निदेशालय स्तर से हस्तांतरित किया जा चुका है, जबकि दो गौशालाओं के हस्तांतरण की प्रक्रिया अभी प्रचलित है। शासन की नई व्यवस्था के अनुसार 26 मई 2026 से ग्राम पंचायत स्तर पर गौशालाओं के संचालन में बदलाव किया जा रहा है। अब ग्राम प्रधानों के स्थान पर स्वयं सहायता समूह, समाजसेवी संस्थाएं एवं गो-सेवा समितियां गौशालाओं का संचालन करेंगी। इससे गौशालाओं के संचालन में जनसहभागिता बढ़ेगी और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में किसी समूह अथवा संस्था द्वारा आवेदन नहीं किया जाएगा, वहां ग्राम पंचायत अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी संयुक्त रूप से गौशालाओं का संचालन सुनिश्चित करेंगे, ताकि किसी भी स्थिति में गोवंशों की देखभाल प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाला कोई भी इच्छुक व्यक्ति टैग लगे गोवंश को अपने संरक्षण में ले सकता है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा प्रति गोवंश ₹50 प्रतिदिन की दर से आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थी को प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य गौशालाओं पर बढ़ते भार को कम करना एवं ग्रामीण स्तर पर गोपालन को बढ़ावा देना है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि गौशालाओं में हरे चारे की समुचित उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रत्येक ग्राम सभा में दो किसानों से एक वर्ष के लिए अनुबंध किया गया है। इन किसानों द्वारा नियमित रूप से हरा चारा उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे गोवंशों को पोषक आहार मिल सके। इसके अतिरिक्त ब्लॉक स्तर पर भूसा भंडारण एवं सप्लाई के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, ताकि किसी भी मौसम में चारे की कमी उत्पन्न न हो।

उन्होंने बताया कि जनपद प्रशासन द्वारा समय-समय पर गौशालाओं का निरीक्षण कराया जाता है और पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पशु चिकित्सकों की टीमें भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। बीमार एवं घायल गोवंशों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। गर्मी को देखते हुए कई गौशालाओं में पानी के टैंकर, फॉगिंग एवं शेड की व्यवस्था भी कराई गई है। सीवीओ ने पशुपालकों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना के अंतर्गत 25 गायों की डेयरी स्थापना पर लगभग ₹63 लाख की परियोजना लागत निर्धारित की गई है, जिसमें सरकार द्वारा 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं एवं किसानों को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।

वहीं मिनी नंदिनी कृषक योजना के अंतर्गत 10 गायों के पालन हेतु लगभग ₹23 लाख की परियोजना लागत पर 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस योजना के माध्यम से छोटे एवं मध्यम किसानों को डेयरी व्यवसाय से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त देसी गौ संवर्धन योजना के अंतर्गत पशुपालकों को ₹2 लाख तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना में शेड निर्माण, चारा कटाई मशीन, गायों की खरीद, बीमा एवं परिवहन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। योजना में साहीवाल, गिर एवं थारपारकर जैसी उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली देसी नस्लों को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि शासन एवं जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल निराश्रित गोवंशों का संरक्षण करना ही नहीं, बल्कि किसानों एवं पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना भी है। जनपद में संचालित योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में किसान डेयरी व्यवसाय की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

दिल्ली | लखनऊ | रायपुर
आधिकारिक हिंदी समाचार सेवा”
“हर दिन नया मुद्दा, नई सोच और निष्पक्ष खबरों के साथ,
The Hindi Pioneer — सच के साथ।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *