लखनऊ, 30 मई 2026। उत्तर प्रदेश में उपखनिजों के अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग द्वारा व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग श्रीमती माला श्रीवास्तव के निर्देश पर अप्रैल माह से प्रदेशभर में जिला एवं निदेशालय स्तर पर लगातार जांच और कार्रवाई की जा रही है।
अभियान के दौरान अधिकांश वाहन वैध परिवहन प्रपत्रों के साथ खनिजों का परिवहन करते पाए गए। वहीं, जिन वाहनों में अवैध परिवहन अथवा ओवरलोडिंग की शिकायत मिली, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की गई।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 7,339 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 33 करोड़ 71 लाख रुपये का अधिरोपण किया गया है। इनमें से 28 करोड़ 31 लाख रुपये की वसूली भी की जा चुकी है।
अभियान की समीक्षा करते हुए श्रीमती माला श्रीवास्तव ने अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल वैध आईएसटीपी (ISTP) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न होने दी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि खनन क्षेत्रों के सोर्स प्वाइंट पर ही निर्धारित लोडिंग मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। यदि कहीं भी अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विभाग का कहना है कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि राजस्व की हानि रोकी जा सके और खनन गतिविधियों को पूरी तरह नियमों के दायरे में संचालित किया जा सके।










