शिवा शर्मा हत्याकांड: श्रद्धा दुबे के Z गैंग से कनेक्शन की चर्चा, लखनऊ पुलिस के सामने अब 10 बड़े सवाल

लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपी श्रद्धा दुबे को लेकर नए दावे सामने आ रहे हैं। पहले गैंगस्टर ऋषभ राय से कथित कनेक्शन और अब जुल्फिकार गैंग से जुड़ाव की चर्चाओं ने मामले को और गंभीर बना दिया है। सूत्रों के मुताबिक, कथित Z गैंग ने नागपुर में श्रद्धा को संरक्षण देने का भरोसा दिया था। दावा है कि उसे नागपुर के पास एक फार्महाउस में ठहराने की तैयारी थी, लेकिन वहां शिफ्ट होने से पहले ही पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रैक कर ली। हालांकि, इन कथित कनेक्शनों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
क्या है जुल्फिकार गैंग का मामला?
जुल्फिकार गैंग पर मुंबई के पश्चिमी इलाकों में रंगदारी, कारोबारियों को धमकाने और हिंसा से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जुलाई में एक बिल्डर से 25 लाख रुपये की कथित रंगदारी के मामले में जुल्फिकार मोहसिन समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अगस्त में इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई थी।
सूत्रों के दावे के अनुसार, इस नेटवर्क के तार ड्रग्स की तस्करी और पार्टियों में नशीले पदार्थों की सप्लाई से भी जुड़े हो सकते हैं। श्रद्धा दुबे का इस गैंग से कथित संबंध होने की बात सामने आने के बाद अब जांच एजेंसियों की पड़ताल महत्वपूर्ण हो गई है। श्रद्धा और कथित गैंग के बीच किसी आपराधिक गठजोड़ की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
FaceTime के जरिए संपर्क में रहने का दावा
सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा और उसके कथित संपर्कों के बीच FaceTime के जरिए बातचीत होती थी। श्रद्धा के पास से तीन आईफोन बरामद किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि फरारी के दौरान श्रद्धा किन लोगों के संपर्क में थी और क्या किसी ने उसे छिपने में मदद की थी।
ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ पहुंची श्रद्धा, आज कोर्ट में पेशी
शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी छोटी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को उत्तर प्रदेश पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लेकर आई है। तीनों को हजरतगंज कोतवाली ले जाया गया है। अब मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें लखनऊ की अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है।
पुलिस की कोशिश आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड हासिल कर पूछताछ करने की होगी, ताकि शिवा की मौत से जुड़े अनसुलझे सवालों के जवाब तलाशे जा सकें।
पुलिस के सामने कौन से 10 बड़े सवाल?
1. फरारी में किसने मदद की? पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद श्रद्धा और उसके साथियों को किसने शरण दी और उनकी मदद की।
2. नेपाल से वापस लखनऊ क्यों लौटी? क्या श्रद्धा नेपाल जाने के बाद किसी के कहने पर वापस आई थी?
3. नागपुर में किसने दिया संरक्षण? वह नागपुर में किन लोगों के संपर्क में थी और फार्महाउस में ठहरने की कथित योजना किसने बनाई थी?
4. महंगे शौक का पैसा कहां से आता था? मॉडलिंग और सोशल मीडिया से होने वाली आय के अलावा उसकी आर्थिक स्थिति की भी जांच हो सकती है।
5. शिवा की मौत कैसे हुई? श्रद्धा के आत्महत्या के दावे और हत्या के मामले में दर्ज मुकदमे के बीच वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना अहम होगा।
6. क्या शिवा को आत्महत्या के लिए उकसाया गया? वायरल ऑडियो में कथित धमकियों और गाली-गलौज के दावों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।
7. वायरल ऑडियो कितने प्रामाणिक हैं? पुलिस रिकॉर्डिंग की सत्यता, समय और संदर्भ की पड़ताल कर सकती है।
8. शिवा की मां को समय पर जानकारी क्यों नहीं मिली? KGMU में शव दिखाए जाने के बाद परिवार को घटनाक्रम के बारे में क्या बताया गया, इसकी जांच भी अहम है।
9. शिवा की आर्थिक स्थिति का मौत से क्या संबंध था? क्या वह वास्तव में आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और इसका उसकी मौत से कोई संबंध था?
10. क्या कथित गैंग कनेक्शन का मामले से संबंध है? पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि कथित आपराधिक संपर्कों का शिवा की मौत से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
पूछताछ से खुल सकते हैं कई राज
शिवा शर्मा की मौत को लेकर परिवार के सवालों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो के बीच अब पुलिस की जांच पर निगाहें टिकी हैं। आरोपियों से पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और पोस्टमार्टम सहित अन्य उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर ही मौत की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
फिलहाल, जुल्फिकार गैंग से कथित संबंध और फरारी में मदद मिलने जैसे दावे जांच के विषय हैं, स्थापित तथ्य नहीं। अब देखना होगा कि लखनऊ पुलिस की पूछताछ से शिवा शर्मा की मौत का रहस्य सुलझाने में कितनी मदद मिलती है।



