शक्तिबाण लगते ही मूर्छित हुए लक्ष्मण, संजीवनी लेकर पहुंचे हनुमान
-लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध और संजीवनी बूटी की लीला के मंचन ने दर्शकों को किया भावुक, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा रामलीला स्थल

विनीत शर्मा
पायनियर समाचार सेवा, खतौली। खतौली। श्री रामलीला कमेटी ठाकुरद्वारा के तत्वावधान में ठाकुरद्वारा बड़ा बाजार में आयोजित 116वें वार्षिकोत्सव रामलीला महोत्सव में लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध, लक्ष्मण के मूर्छित होने और हनुमान जी के संजीवनी बूटी लाने की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय और प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। रामलीला मंचन के दौरान मेघनाद और लक्ष्मण के बीच भीषण युद्ध हुआ। युद्ध में मेघनाद ने शक्तिबाण चलाया, जिससे लक्ष्मण मूर्छित होकर भूमि पर गिर पड़े। लक्ष्मण को मूर्छित देखकर श्रीराम व्याकुल हो उठे। रामदल में शोक छा गया और लक्ष्मण की स्थिति देखकर दर्शक भी भावुक हो गए। लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने पर्वत की ओर रवाना हुए। संजीवनी बूटी की पहचान नहीं कर पाने पर हनुमान जी पूरा पर्वत ही उठाकर ले आए। संजीवनी बूटी के प्रभाव से लक्ष्मण को होश आया तो रामदल में खुशी की लहर दौड़ गई। इस प्रसंग के मंचन के दौरान श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारे लगाए। पूरा रामलीला स्थल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। रामलीला महोत्सव में कमेटी अध्यक्ष गणेश शंकर पालीवाल, मंत्री राजेंद्र जैन और कोषाध्यक्ष नवीन गुप्ता सहित कुलबीर सिंह कर्णवाल, दुष्यंत शर्मा, ज्ञानेश्वर शर्मा, परवीन शर्मा, सतीश वर्मा, अनुपम गौर, मनोज सैनी, कन्हैया मित्तल, आदर्श नगर, बृजभूषण, राजेंद्र वर्मा, अनिल त्यागी, मनन गुप्ता, शिवम मित्तल, गौरव शर्मा, परवीन गुप्ता, राजेंद्र विश्वकर्मा, अनिल सैनी और पुनीत टायल आदि मौजूद रहे।



