सस्ते में जमीन खरीदकर करोड़ों में बेचने का झांसा, 31 लाख की ठगी में चार गिरफ्तार

शामली। एम्स हॉस्पिटल ऋषिकेश के पूर्व निदेशक को सोनीपत में दवाई फैक्टरी लगाने के लिए जमीन की जरूरत बताकर सस्ते में जमीन खरीदकर करोड़ों रुपये में बेचने का झांसा देकर करीब 31 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को कांधला पुलिस और अपराध शाखा की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी के चार लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, गांव इस्लामपुर घसौली निवासी अब्दुल वाहिद की दुकान पर सोयब और उसके कुछ साथी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश के पूर्व निदेशक रविकांत शर्मा को सोनीपत में दवाई फैक्टरी लगाने के लिए जमीन की जरूरत है। आरोपियों ने अब्दुल वाहिद और उसके साथी अकबर को सस्ते दाम में जमीन खरीदकर पूर्व निदेशक को महंगे दाम में बेचने पर मोटा मुनाफा होने का झांसा दिया।इसके बाद बिजेंद्र उर्फ सोनू दोनों को किसान हरीश कुमार निवासी निजामपुर माजरा, खरखौदा के पास ले गया। वहां तीन किल्ले जमीन का सौदा 2.90 करोड़ रुपये प्रति किल्ला की दर से कुल 8.70 करोड़ रुपये में तय कराया गया। सौदे के तहत 36 लाख रुपये बयाना दिया गया। 11 अगस्त 2025 को खरखौदा तहसील में 50 रुपये के स्टांप पर नोटरी इकरारनामा कराया गया और बैनामा के लिए सात सितंबर 2025 की तारीख तय हुई। आरोप है कि इसके बाद पूर्व निदेशक से समय पर रकम दिलाने के नाम पर पीए जयप्रकाश शर्मा ने अब्दुल वाहिद से सात लाख रुपये नकद ले लिए। बाद में अकाउंटेंट के नाम पर दो लाख रुपये और मांगे गए। ठगी का अहसास होने पर अब्दुल वाहिद ने कांधला थाने में शिकायत दी। मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना अपराध शाखा शामली को सौंपी गई थी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अब्दुल वाहिद और अकबर को जमीन महंगे दामों पर बिकवाने का झांसा दिया था। आरोपियों ने कथित तौर पर गलत नाम-पते बताए और दूसरे लोगों के नाम पर लिए गए सिम का इस्तेमाल किया। पुलिस के मुताबिक, इस तरह दोनों से करीब 31 लाख रुपये हासिल किए गए, जिन्हें आरोपियों ने आपस में बांट लिया।



