रघुबीर नगर में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, 42 ढांचे ध्वस्त

नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के रघुबीर नगर इलाके में शुक्रवार को
दिल्ली नगर निगम ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
निगम की टीम ने नाले के ऊपर बने 42 अवैध ढांचों को ध्वस्त कर 505 वर्गमीटर भूमि को
अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस कार्रवाई का उद्देश्य पुराने नाले के स्थान पर नए नाले के
निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना था।
निगम प्रशासन की यह कार्रवाई रघुबीर नगर के बी-1 और के ब्लॉक में की गई। अधिकारियों के
अनुसार, नाले के ऊपर बड़ी संख्या में बहुमंजिला ढांचे बनाए जाने के कारण निर्माण कार्य में
बाधा आ रही थी। ऐसे में निगम के पश्चिमी क्षेत्र की टीम ने पुलिस बल के साथ मौके पर
पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
नाले के निर्माण में आ रही थी बाधा
निगम अधिकारियों के मुताबिक, रघुबीर नगर वार्ड में पुराने नाले के स्थान पर नए नाले का
निर्माण कराया जाना है। इसके लिए निगम को सीएमडीएफ निधि से धनराशि उपलब्ध कराई
गई है। हालांकि, नाले के ऊपर और उसके आसपास बने अवैध ढांचों के कारण निर्माण कार्य
आगे बढ़ाने में परेशानी हो रही थी। अतिक्रमण के चलते नाले के निर्माण और जल निकासी
व्यवस्था को दुरुस्त करने की योजना प्रभावित हो रही थी।
नोटिस के बाद भी नहीं हटाए गए निर्माण
प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित लोगों को कई बार नोटिस जारी किए गए
थे। इसके बावजूद कथित अवैध निर्माण नहीं हटाए गए। इसके बाद शुक्रवार को निगम ने पुलिस
की सहायता से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इस दौरान नाले के ऊपर बने लगभग 42 ढांचे
हटाए गए और 505 वर्गमीटर भूमि खाली कराई गई।
अधिकारियों के अनुसार, पूरी कार्रवाई निगम के पश्चिमी क्षेत्र के क्षेत्रीय कर्मचारियों और दिल्ली
पुलिस के समन्वय से की गई। प्रशासन ने बताया कि अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ
और अतिक्रमण हटने से नाले के निर्माण का रास्ता साफ हुआ है।
कार्रवाई से स्थानीय निवासियों में नाराजगी
वहीं, इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय निवासियों ने निगम प्रशासन पर सवाल उठाए। लोगों का
कहना था कि संबंधित स्थान पर कई परिवार लंबे समय से रह रहे थे और ढांचों को हटाए जाने
के बाद उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई के दौरान अपने
रहने की व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।
नए नाले के निर्माण पर रहेंगी निगाहें
अतिक्रमण हटाए जाने के बाद अब क्षेत्र में नए नाले के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का रास्ता
खुल गया है। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में नाले की व्यवस्था को बेहतर बनाना और
निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करना है। हालांकि, कार्रवाई से प्रभावित स्थानीय
निवासियों की समस्याओं और उनकी पुनर्व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवाल भी महत्वपूर्ण बने
हुए हैं। निगम प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के संबंध में किसी विशेष पुनर्वास व्यवस्था
की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।



