खाद की दुकानों पर छापेमारी, दो विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

पायनियर संवाददाता।बाराबंकी
रबी फसलों की बुवाई के मद्देनजर उर्वरकों की उपलब्धता, निर्धारित दर पर बिक्री और खाद के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग रोकने के लिए गुरुवार को जिलेभर में अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने 46 उर्वरक बिक्री केंद्रों पर छापेमारी कर 18 नमूने एकत्र किए। इस दौरान दो उर्वरक विक्रेताओं के विक्रय प्राधिकार-पत्र निलंबित कर दिए गए। तहसीलवार गठित टीमों ने रामनगर में छह, नवाबगंज में 12, फतेहपुर में आठ, रामसनेहीघाट में पांच, हैदरगढ़ में सात और सिरौलीगौसपुर में आठ बिक्री केंद्रों की जांच की। नवाबगंज में 10, हैदरगढ़ में चार और सिरौलीगौसपुर में चार नमूने लिए गए। जांच के दौरान हैदरगढ़ तहसील के सैदनपुर स्थित मेसर्स शिवांश बीज भंडार और सिरौलीगौसपुर तहसील के मरकामऊ स्थित मेसर्स यादव खाद भंडार बंद मिले। इस पर दोनों विक्रेताओं के उर्वरक विक्रय प्राधिकार-पत्र निलंबित कर दिए गए। जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने बताया कि सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को प्रतिष्ठान पर रेट और स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित करने तथा पीओएस मशीन के माध्यम से निर्धारित मूल्य पर खाद बेचने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को फार्मर रजिस्ट्री और जोत के आधार पर संस्तुत मात्रा में बिना टैगिंग के उर्वरक उपलब्ध कराना होगा। बिक्री पंजिका भी अद्यतन रखनी होगी। निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलने या टैगिंग की शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी।



