कागजों में संचालित धान क्रय केंद्र, धरातल पर लटके ताले
धान खरीद व्यवस्था की खुली पोल, कई क्रय केंद्र मिले बंद

मिर्जापुर /शाहजहांपुर। शासन की ओर से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से खोले गए धान क्रय केंद्र स्वयं अव्यवस्थाओं का शिकार बने हुए हैं।तो ऐसे में किसानों को कैसे मिलेगा लाभ।
ज्ञात हो कि किसानों का धान खरीद कर उन्हें सरकारी योजना का लाभ पहुंचाने के लिए क्षेत्र में कुल सात धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं लेकिन हकीकत इसके विपरीत है।अतरी निजामपु,चौरा बगर खेत में तले लटकते मिले । इससे भी गंभीर बात यह है कि केंद्रों पर कोई कर्मचारी भी मौके पर नहीं बैठ रहा है।जिससे किसानों को यह जानकारी तक नहीं हो पा रही है कि उक्त स्थान पर धान क्रय केंद्र बनाया गया है।
गुरुवार को दोपहर धान क्रय केंद्र अतरी निजामपुर , चौरा बागरखेत क्रय केंद्र पर भी ताला लटक रहा था।तो वहीं मिर्जापुर में बने कुनिया शाहनजीरपुर के क्रय केंद्र पर भी अव्यवस्थाएं हावी बनी हुई है। केंद्रों पर किसी भी जिम्मेदार कर्मचारी का नाम और मोबाइल नंबर भी अंकित नहीं है।जिस पर संपर्क कर किसान जानकारी हासिल कर सके।ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब केंद्र ही बंद अथवा अव्यवस्थित हैं तो किसान अपना धान कहां और कैसे बेचेगा।
क्रय केंद्र खुद ही अपनी बदहाली पर आंसू बहाते दिखाई दे रहे हैं। मजबूरी में जरूरतमंद किसान अपना धान औने-पौने दामों पर निजी व्यापारियों को बेचने के लिए मजबूर होंगे।इस संबंध में उपजिलाधिकारी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि सभी क्रय केंद्रों की जांच कराई जाएगी। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा और लापरवाह प्रभारियों को बदलकर दूसरे प्रभारी बनाए जाएंगे।
एआर कोआॅपरेटिव को धान क्रय केंद्रों की जांच दीजाएगी जांच में दोषी पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।
रजनीश कुमार मिश्रा
एडीएम प्रशासन



