एशियाई पैरा खेलों में पदक जीतने के इरादे से जापान रवाना हुए गुलशन समेत सात जूडो खिलाड़ी
लखनऊ में अभ्यास के बाद भारतीय टीम ने भरी उड़ान, पिछले प्रदर्शन से बेहतर करने की उम्मीद

पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। बुलंद हौसले और पदक जीतने के लक्ष्य के साथ लखनऊ के गुलशन समेत भारतीय पैरा जूडो टीम के सात खिलाड़ी एशियाई पैरा खेलों में हिस्सा लेने के लिए जापान रवाना हो गए। भारतीय टीम बुधवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नागोया के लिए रवाना हुई। प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों की कोशिश पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए देश के लिए पदक जीतने की होगी।
खिलाड़ियों की तैयारियों के लिए लखनऊ के हजरतगंज स्थित इंडियन पैरा जूडो अकादमी में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। भारतीय ब्लाइंड एंड पैरा जूडो एसोसिएशन, भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय पैरालंपिक समिति के सहयोग से आयोजित इस शिविर में खिलाड़ियों को मुकाबलों के लिए तैयार किया गया। मुख्य कोच मुनव्वर अंजार, सहायक कोच अकरम शाह और आयशा मुनव्वर ने खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया।
भारतीय टीम में उत्तर प्रदेश के गुलशन के अलावा मध्य प्रदेश के कपिल परमार, हरियाणा के विजेंद्र, कोकिला और डिम्पल तथा महाराष्ट्र की रेनुका नारायण साल्वे और रुशाली अशोक मोरे शामिल हैं। सात सदस्यीय टीम में दो पुरुष और पांच महिला खिलाड़ी हैं। टीम के साथ मुख्य कोच मुनव्वर अंजार, सहायक कोच आयशा मुनव्वर, स्कॉर्ट स्मिता शेट्टी और फिजियोथेरेपिस्ट उमंग संजीव कुमार अग्रवाल भी रवाना हुए हैं।
पिछले प्रदर्शन से बेहतर करने की उम्मीद
भारतीय पैरा जूडो खिलाड़ियों का एशियाई पैरा खेलों में पहले भी अच्छा प्रदर्शन रहा है। वर्ष 2022 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में कपिल परमार ने रजत और कोकिला ने कांस्य पदक जीता था। गुलशन और रेनुका नारायण साल्वे पांचवें स्थान पर रहे थे। वहीं, विजेंद्र ने वर्ष 2018 में जकार्ता में हुए एशियाई पैरा खेलों में पांचवां स्थान हासिल किया था।
भारतीय ब्लाइंड एंड पैरा जूडो एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर हलवासिया को इस बार भी खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्हें भरोसा है कि खिलाड़ी अपनी मेहनत और तैयारी के दम पर प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और देश के लिए पदक जीतने में सफल होंगे।



