स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
बुजुर्ग महिला से लूट करने वाले बीबीए के दो छात्र गिरफ्तारभराड़ीसैंण में जवानों का बढ़ाया हौसला, बैरियर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को डीजीपी ने दी शाबाशीहंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ उत्तराखंड विधानसभा सत्रUP MLC Election Results 2026: 11 में से 6 सीटों पर नतीजे घोषित, बीजेपी के 4 और सपा के 2 उम्मीदवारों ने दर्ज की जीतधारा 34 के सम्बंध में विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने की सी एम योगी से मुलाकातबिहार विधान परिषद चुनाव: पटना शिक्षक सीट पर भाजपा का 30 साल पुराना वर्चस्व समाप्तमहिला कायस्थ सेवा समिति ने मनाया करवा चौथ उत्सवयूपी विधान परिषद चुनाव: भाजपा ने चार, सपा ने दो सीटें जीतीं, लखनऊ में उमेश द्विवेदी ने लगाई हैट्रिकगैरसैंण को 231.91 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, सीएम धामी ने किया लोकार्पण-शिलान्यास‘ये प्रेम मोल लिया’ की रिलीज में बस एक महीना बाकी, दिवाली की सफाई में जुटे आयुष्मान और शरवरीबुजुर्ग महिला से लूट करने वाले बीबीए के दो छात्र गिरफ्तारभराड़ीसैंण में जवानों का बढ़ाया हौसला, बैरियर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को डीजीपी ने दी शाबाशीहंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ उत्तराखंड विधानसभा सत्रUP MLC Election Results 2026: 11 में से 6 सीटों पर नतीजे घोषित, बीजेपी के 4 और सपा के 2 उम्मीदवारों ने दर्ज की जीतधारा 34 के सम्बंध में विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने की सी एम योगी से मुलाकातबिहार विधान परिषद चुनाव: पटना शिक्षक सीट पर भाजपा का 30 साल पुराना वर्चस्व समाप्तमहिला कायस्थ सेवा समिति ने मनाया करवा चौथ उत्सवयूपी विधान परिषद चुनाव: भाजपा ने चार, सपा ने दो सीटें जीतीं, लखनऊ में उमेश द्विवेदी ने लगाई हैट्रिकगैरसैंण को 231.91 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, सीएम धामी ने किया लोकार्पण-शिलान्यास‘ये प्रेम मोल लिया’ की रिलीज में बस एक महीना बाकी, दिवाली की सफाई में जुटे आयुष्मान और शरवरी

बच्चों में भी गॉल ब्लैडर की पथरी के मामले, महिलाओं में खतरा ज्यादा

बच्चों में भी गॉल ब्लैडर की पथरी के मामले, महिलाओं में खतरा ज्यादा
  • संक्रामक रोगों की तरह फैल रहा है यह मर्ज।
  • इंग्लैंड से डॉक्टरों की टीम आकर पता करेगी की इस मर्ज की असली वजह है क्याॽ
  • मायावती में इंग्लैंड से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किए जटिल आपरेशन।
  • पहाड़ों में जागरूकता और उपचार सुविधाओं की जरूरत पर दिया जोर।

पायनियर समाचार सेवा। लोहाघाट। अद्वैत आश्रम मायावती स्थित धर्मार्थ चिकित्सालय में इंग्लैंड से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने दूरबीन विधि से गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) की पथरी के जटिल आपरेशन किए। उपचार के दौरान विशेषज्ञों के सामने आठ वर्ष तक के बच्चों में भी गॉल ब्लैडर की पथरी के मामले सामने आए। चिकित्सकों ने महिलाओं में इस बीमारी के बढ़ते मामलों को लेकर भी चिंता जताई। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के लीडर डॉ. कृष्णा सिंह ने बताया कि पहाड़ों में महिलाएं परिवार और स्थानीय अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधार हैं। घरेलू कार्यों में अत्यधिक व्यस्त रहने के कारण कई महिलाएं अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज करती हैं और दर्द होने पर पेनकिलर लेकर उसे दबाने का प्रयास करती हैं। उन्होंने कहा कि दर्द को लगातार दबाने से बीमारी की गंभीरता बढ़ सकती है और बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है। डॉ. सिंह के अनुसार मायावती में निशुल्कचिकित्सा शिविर के दौरान करीब एक दर्जन गंभीर मामलों के आपरेशन किए गए। उनका कहना था कि यदि मरीज बीमारी के शुरूआती चरण में चिकित्सकों तक पहुंच जाएं तो उपचार अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गॉल ब्लैडर की पथरी का स्थायी उपचार दवाओं से संभव नहीं माना जाता और कई मामलों में दूरबीन विधि से आपरेशन की आवश्यकता पड़ती है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के देहरादून और हल्द्वानी जैसे शहरों में उपचार की कुछ सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। डॉ. सिंह ने बताया कि उपलब्ध चिकित्सकीय अनुभव के अनुसार गॉल ब्लैडर की पथरी के मामलों में महिलाओं की संख्या अधिक देखी जा रही है। उन्होंने भोजन संबंधी आदतों को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी। विशेष रूप से एक बार इस्तेमाल किए गए सरसों के तेल को दोबारा गर्म कर इस्तेमाल करने से बचने तथा अत्यधिक पैकेज्ड और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करने की सलाह दी। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता को लेकर भी ध्यान देने की जरूरत बताई। उनके अनुसार कुछ प्राकृतिक जलस्रोतों के पानी में खनिज एवं लवण की मात्रा अधिक हो सकती है, इसलिए पानी की गुणवत्ता की जांच और सुरक्षित पेयजल का इस्तेमाल जरूरी है। डॉ. कृष्णा सिंह ने स्थानीय और पारंपरिक पर्वतीय खाद्य पदार्थों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ की पारंपरिक खाद्य संस्कृति लंबे समय से स्थानीय जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इंग्लैंड से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के कई सदस्य मायावती पहुंचकर गॉल ब्लैडर से संबंधित मामलों पर आगे शोध और अध्ययन भी करेंगे।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें