बिजली केबल-ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार

पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। मलिहाबाद पुलिस ने बिजली तार और ट्रांसफार्मर की कॉपर क्वायल चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं मौके से तीन अन्य आरोपी भाग निकले। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बड़ी मात्रा में चोरी का विद्युत सामान बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य चोरी का कुछ सामान कबाड़ियों को बेच देते थे, जबकि बाकी सामान झाड़ियों और सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते थे। पुलिस के मुताबिक, 27 सितंबर की रात ग्राम पाठकगंज स्थित नर्सरी के ट्यूबवेल से अज्ञात चोरों ने एबीसी विद्युत केबल, स्टार्टर केबल और सोलर लाइट चोरी कर ली थी।
जगदीश प्रसाद शुक्ल की तहरीर पर मलिहाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम लगातार सुरागरसी और दबिश दे रही थी।इसी क्रम में गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बड़ीगढ़ी रोड स्थित समदा तालाब के पास आम के बाग की झाड़ियों में घेराबंदी कर चार संदिग्धों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान काकोरी के घनश्यामपुर निवासी रंजीत यादव (31), मनोज यादव (28), शिवा उर्फ तन्नू यादव (25) और मोनू यादव (23) के रूप में हुई।पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 25 मीटर एबीसी केबल, करीब 40 किलो कटी हुई एबीसी केबल, करीब 200 मीटर एचटी/एलटी एल्युमिनियम विद्युत तार और ट्रांसफार्मर की 10 कॉपर क्वायल बरामद कीं,बरामद 25 मीटर और करीब 40 किलोग्राम एबीसी केबल और जिसका टोटल कुल वजन 201 किलोग्राम है।
जिसे पाठकगंज के पास की घटना से संबंधित बताया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने मलिहाबाद, रहीमाबाद, सैरपुर, बीकेटी और उन्नाव के फतेहपुर चौरासी क्षेत्र में भी विद्युत केबल और ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात बताई है। पुलिस के अनुसार,इन घटनाओं से संबंधित कई मुकदमे कई थानों में दर्ज हैं, और आरोपियों की निशानदेही पर अन्य मामलों के खुलासे की कार्रवाई की जा रही है। मलिहाबाद इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि आरोपी रंजीत किसानी करता था, मनोज यादव जेसीबी चालक था, शिव उर्फ तन्नू यादव वार कंपाउंड का काम करता था, मोनू यादव सबमर्सिबल काम करता था।आरोपियों के विरुद्ध गोमती नगर, काकोरी, दुबग्गा, माल, रहीमाबाद, मलिहाबाद, महिगवां, ठाकुरगंज, आशियाना, वजीरगंज, हजरतगंज सहित अन्य विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज है। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक अन्य जिलों के इतिहास की भी जांच की जा रही है। गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।



