ऐतिहासिक नंदादेवी मेले का हुआ समापन, नंदा -सुनंदा शोभायात्रा में उमड़े हजारों श्रद्धालु

पायनियर समाचार सेवा। अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में बुधवार को चार सौ साल से चले आ रहे ऐतिहासिक नंदा देवी मेले का समापन हो गया। देर शाम चंद वंश के कुंवर नरेद्र की अगुवाई में मां नंदा-सुनंदा की डोली नंदा देवी मंदिर परिसर से नगर भ्रमण के लिए निकली। शोभायात्रा लाला बाजार, माल रोड और कचहरी बाजार से होते हुए देर शाम दुगालखोला के डोबा नौले पहुंची। यहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद मां नंदा-सुनंदा को कैलाश के लिए विदा किया गया। देवभूमि उत्तराखंड में मां नंदा को भगवान शिव की अर्धांगिनी के रूप में पूजा जाता है। चार सौ वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में अल्मोड़ा के लोग मां नंदा को अपनी बेटी और देवी दोनों रूपों में मानते हैं। देर शाम भावुक माहौल के बीच हजारों भक्तों ने अपनी बेटी, अपनी देवी मां नंदा-सुनंदा को कैलाश के लिए विदा किया।



